रेत कला से चार साहिबजादों के बलिदान को जीवंत करती सैंड आर्टिस्ट मनीषा

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कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट मनीषा ने अपनी अनोखी कला से चार साहिबजादों—बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह—के जीवन, साहस, संघर्ष और बलिदान को मंच पर जीवंत कर दिया। रेत और चित्रकला के माध्यम से प्रस्तुत यह सैंड आर्ट शो दर्शकों के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव बन गया।

बड़ी स्क्रीन पर साहिबजादों के त्याग, वीरता और देशभक्ति से जुड़े दृश्य उभरते रहे, जिन्हें देखकर पूरा सभागार भाव-विभोर हो गया। कलाकार मनीषा ने विशेष रूप से दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों के जीवन से जुड़े प्रमुख ऐतिहासिक प्रसंगों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से रेत कला के माध्यम से दर्शाया। सैंड आर्ट के जरिए यह संदेश दिया गया कि किस प्रकार साहिबजादों ने कम उम्र में भी अदम्य साहस, सच्चाई और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया।

कार्यक्रम में यह भी दर्शाया गया कि छोटे साहिबजादों का बलिदान आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह सिखाता है कि उम्र भले ही छोटी हो, लेकिन कर्तव्य और जिम्मेदारी निभाने का संकल्प बड़ा होना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने संस्कारों, मूल्यों और सत्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ते हुए देश के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया।

वीर बाल दिवस की भावना को और अधिक सशक्त करने के उद्देश्य से हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और संस्कृत भाषाओं में जिला स्तरीय निबंध लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने चार साहिबजादों के बलिदान, आदर्शों और देशभक्ति पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी वेद सिंह दहिया, संबंधित विभागों के अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।