अर्थ एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग द्वारा जिला सांख्यिकीय कार्यालय हिसार के माध्यम से गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार में सांख्यिकीय आंकड़ों के महत्व को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों, विद्यालयों, विश्वविद्यालय, हरियाणा सरकार के उपक्रमों तथा भारत सरकार के हिसार स्थित कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विभागीय कर्मचारियों की क्षमता को डाटा संग्रह, संकलन, सत्यापन एवं रिपोर्टिंग के क्षेत्र में सुदृढ़ बनाना था, ताकि सांख्यिकीय आंकड़े अधिक विश्वसनीय बन सकें और इनका उपयोग नीतिगत निर्णयों में प्रभावी ढंग से किया जा सके। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय, हिसार से सहायक निदेशक मनीषा यादव ने वर्तमान में चल रहे विभिन्न सर्वेक्षणों की जानकारी दी तथा बताया कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में सांख्यिकीय आंकड़ों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय, हिसार के वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी अजीत कुमार ने अपने संबोधन में सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन एवं संग्रहण को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और उपयोगी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग के कर्मचारी की इसमें अहम भूमिका होती है, क्योंकि जमीनी स्तर से प्राप्त सही जानकारी ही भविष्य के विकास की मजबूत नींव रखती है।
जिला सांख्यिकीय अधिकारी अमित ने आंकड़ों के नीति निर्माण में उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभागों द्वारा उपलब्ध कराई गई छोटी से छोटी जानकारी भी विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी विभागों से यह भी आग्रह किया कि अपनी रिपोर्ट समय पर सांख्यिकीय कार्यालय में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।
गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से डॉ. एन.के. बिश्नोई ने शोधार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि किसी भी शोध का आधार डाटा ही होता है। उन्होंने डाटा साइकिल को मजबूत करने तथा डाटा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
सांख्यिकीय कार्य विभाग से उपनिदेशक जयवीर सिंह ने विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सही, स्पष्ट और विश्वसनीय आंकड़े ही सशक्त निर्णय लेने की आधारशिला होते हैं। आंकड़ों की सहायता से न केवल वर्तमान स्थिति का विश्लेषण किया जाता है बल्कि भविष्य की चुनौतियों का भी अनुमान लगाया जाता है। कार्यक्रम में डॉ. अश्वनी कुमार, अध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शोधार्थियों ने भी भाग लिया, जिन्हें डाटा संग्रह, संकलन, सत्यापन और रिपोर्टिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।























