ईरान में हंगामा: प्रदर्शनकारी को फांसी की आशंका, अमेरिका की सख्त चेतावनी

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ईरान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को आज सरेआम फांसी दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। ब्रिटिश अखबार द गार्डियन के मुताबिक, सुलतानी को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और महज तीन दिन बाद, 11 जनवरी को उन्हें मौत की सजा सुना दी गई।

सुलतानी पर हिंसा भड़काने और ‘ईश्वर के खिलाफ जंग छेड़ने’ यानी मोहारेबेह का आरोप लगाया गया है, जिसे ईरान के कानून में सबसे गंभीर अपराध माना जाता है। इस मामले में न तो उन्हें उचित ट्रायल मिला, न वकील और न ही अपील का कोई अवसर दिया गया। परिवार को केवल 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की अनुमति दी गई है।

ईरान में सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन आज 18वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू करती है, तो अमेरिका सख्त जवाब देगा।

ट्रम्प के बयान के बाद ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने पलटवार करते हुए ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को “हत्यारा” करार दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश मानवाधिकारों की आड़ में ईरान के आंतरिक मामलों में दखल दे रहे हैं।

मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि यह फास्ट-ट्रैक फांसी प्रक्रिया सरकार की ओर से डर फैलाने की रणनीति का हिस्सा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में अब तक 10 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स ग्रुप के मुताबिक, चीन के बाद ईरान दुनिया में सबसे ज्यादा फांसी देने वाला देश है। वर्ष 2024 में ही ईरान में कम से कम 1,500 लोगों को फांसी दी गई थी।