रील के चक्कर में वंदे भारत को रुकवाया: ट्रैक पर लकड़ियां रखकर युवकों ने डाली सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में

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सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह अब जानलेवा बनती जा रही है। लाइक्स और व्यूज़ की दौड़ में लोग न सिर्फ कानून तोड़ रहे हैं, बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। ऐसा ही एक खतरनाक मामला वंदे भारत एक्सप्रेस से सामने आया है, जहां कुछ युवकों ने रील बनाने के लिए हाई-स्पीड ट्रेन के ट्रैक पर लकड़ियां रख दीं।

VIDEO LINK: Vande Bharat Viral Video

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक रेलवे ट्रैक पर बड़े-बड़े लकड़ी के लट्ठे रखते हैं और कैमरे के सामने हंसते हुए कहते हैं, “वंदे भारत रुकवा दिए।” अगले ही दृश्य में ट्रेन सुनसान इलाके में रुकी हुई नजर आती है। ट्रेन में मौजूद एक पुलिस कॉन्स्टेबल जब युवकों से पूछताछ करता है, तो वे बेफिक्री से जवाब देते हैं कि वे ट्रेन में चढ़ने नहीं आए थे, बल्कि सिर्फ वीडियो शूट कर रहे थे।

यह घटना न केवल घोर लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सोशल मीडिया की सनक किस हद तक पहुंच चुकी है। अगर समय रहते ट्रेन ब्रेक नहीं ले पाती, तो सैकड़ों यात्रियों की जान जा सकती थी और एक बड़ा हादसा हो सकता था।

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

यह वीडियो X (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने रेलवे अधिकारियों और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग कर सख्त कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने इसे “आतंक जैसी हरकत” बताया, जबकि कुछ ने दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की भी मांग की।

कानून क्या कहता है?

रेलवे अधिनियम 1989 के तहत ऐसी हरकत गंभीर और दंडनीय अपराध है।

  • धारा 150 के तहत ट्रेन के रास्ते में जानबूझकर बाधा डालने पर उम्रकैद या 10 साल तक की सजा हो सकती है।

  • धारा 174 के तहत ट्रेन रोकने पर 2 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

  • रेलवे ट्रैक पर अवैध रूप से घुसना भी अपराध है, जिसमें 6 महीने तक की सजा हो सकती है।

स्पष्ट है कि यह कोई मज़ाक या रील नहीं, बल्कि सीधा कानून का उल्लंघन और जानलेवा अपराध है।