हिसार, 22 दिसंबर।
महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा के समीप सरकार द्वारा प्रस्तावित एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (IMC) की स्थापना को लेकर सोमवार को पर्यावरणीय जनसुनवाई आयोजित की गई। यह जनसुनवाई हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें आम नागरिकों से पर्यावरण प्रभाव आंकलन (EIA) से जुड़े सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गईं।
जनसुनवाई के दौरान परियोजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों ने आमजन द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब भी दिए। उपायुक्त महेंद्र पाल ने बताया कि सिविल एविएशन विभाग द्वारा मौजूदा औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है, जिसके तहत एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विकास को गति देना और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करना है। एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर के लिए कुल लगभग 2988 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें से पहले चरण में 1605 एकड़ भूमि को विकसित किया जाएगा।
यह परियोजना एनआईसीडीसी हरियाणा आईएमसी हिसार प्रोजेक्ट लिमिटेड के माध्यम से विकसित की जाएगी, जो केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार का संयुक्त उपक्रम है। यह एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे का भी हिस्सा है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर डीएफओ रोहताश बिरथल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शक्ति सिंह, प्रबंधक कंवलजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।























