हिसार, 09 दिसंबर।
उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय नार्कोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) तथा पीसीपीएनडीटी और एमटीपी एक्ट की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य जिले में नशा नियंत्रण, लिंगानुपात सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना था।
नशा रोकथाम पर सख्त निर्देश
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अधिकारियों को नशाखोरी पर सख्ती से रोक लगाने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसे रोकना विभागों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष निगरानी रखने तथा शिक्षा विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया।
सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया कि नवंबर महीने में 302 नशा प्रभावित मरीज ओपीडी में पहुंचे, जिनकी लगातार काउंसलिंग की जा रही है। जल्द ही 9 सीएचसी में नशा-परामर्श सेवाएं शुरू होंगी। पूरा फॉलोअप दूरभाष के माध्यम से भी लिया जा रहा है। पिछले माह 10 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया और 10 जागरूकता कैंप आयोजित हुए।
पुलिस विभाग ने बताया कि बीते माह एनडीपीएस एक्ट के 4 मामलों में कोर्ट का निर्णय आया, जिनमें से 2 मामलों में दोषियों को सजा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में मजबूत साक्ष्य जुटाकर अदालत में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।
PCPNDT व MTP एक्ट पर विस्तृत समीक्षा
बैठक में कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम और जिले के लिंगानुपात में सुधार को लेकर भी चर्चा की गई। सिविल सर्जन ने बताया कि पोर्टल पर हिसार जिले का लिंगानुपात 909 दर्ज है, जबकि मंगाली, तलवंडी, नलवा व लाडवा जैसे क्षेत्रों में यह 900 से कम है।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य अधिकारी एएनएम व आशा वर्करों के साथ नियमित साप्ताहिक बैठकें करें और सभी गर्भवती महिलाओं का 100% ANC पंजीकरण सुनिश्चित करें।
बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल, बरवाला एसडीएम डॉ वेद प्रकाश बेनीवाल, हांसी एसडीएम राजेश खोथ, नगराधीश हरिराम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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