पनिहार–चौधरीवास क्लस्टर को मिली बड़ी सिंचाई परियोजना

0
40

आधुनिक प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क से खेतों तक पहुँचेगा पानी

हिसार, 05 दिसंबर।
जल शक्ति मंत्रालय ने हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पनिहार–चौधरीवास क्लस्टर को प्रदेश की पहली महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना का हिस्सा बनाया है। इस योजना के अंतर्गत प्रेशराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से पानी की कमी वाले क्षेत्रों के किसानों को निरंतर सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए 106.28 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।


परियोजना की संरचना और लाभ

जिले में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में परियोजना की आगामी प्रगति पर चर्चा की गई। मिकाडा विभाग के अधीक्षक अभियंता धर्मपाल मुवाल ने बताया कि इस योजना के तहत पनिहार, चौधरीवास, गावड़, कालवास, रावतखेड़ा, सिंघरान सहित आसपास के क्षेत्रों की लगभग 8,000 एकड़ भूमि को आधुनिक सिंचाई प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इस नेटवर्क से किसानों को 24 घंटे 48 एमएलडी सिंचाई जल मिल सकेगा।


आधुनिक तकनीक से पानी की बचत

उपायुक्त ने बताया कि प्रेशराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क एक उन्नत प्रणाली है, जिसमें पानी पाइपों के ज़रिए दवाब के साथ प्रत्यक्ष रूप से खेतों और फसलों तक पहुँचता है। इससे पानी का अपव्यय न के बराबर होता है और सिंचाई की दक्षता कई गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि यह तकनीक पारंपरिक नहर या सतही सिंचाई की तुलना में अधिक प्रभावी है, क्योंकि इससे पानी की बचत होने के साथ-साथ ऊर्जा की खपत भी कम होती है।


तेज़ी से लागू किए जाने के निर्देश

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इस परियोजना को समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने से क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी।